आरटीई फीस बढ़ोतरी की मांग पर निजी स्कूलों का बड़ा आंदोलन, प्रदेशभर में 5 हजार स्कूल बंद

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      रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ में आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत प्रवेश लेने वाले बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने की मांग को लेकर निजी स्कूलों का असहयोग आंदोलन तेज हो गया है। शनिवार को प्रदेशभर के सभी निजी स्कूल बंद रहे। इससे पहले शुक्रवार को स्कूल संचालकों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर काम करते हुए विरोध दर्ज कराया था।

          शिक्षा का अधिकार

          छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द आरटीई प्रतिपूर्ति राशि नहीं बढ़ाती है, तो लॉटरी के माध्यम से चयनित बच्चों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। एसोसिएशन का यह आंदोलन 1 मार्च से लगातार जारी है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। संगठन के आह्वान पर प्रदेश के 5 हजार से अधिक निजी स्कूल बंद रहे। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता और सचिव मोती जैन ने बताया कि राज्य में पिछले 14 वर्षों से आरटीई के तहत मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि में कोई वृद्धि नहीं हुई है। वर्तमान में कक्षा पहली से पांचवीं तक प्रति छात्र 7 हजार रुपए और छठवीं से आठवीं तक 11,400 रुपए वार्षिक भुगतान किया जाता है।उनका कहना है कि शिक्षा संचालन की लागत लगातार बढ़ी है, लेकिन प्रतिपूर्ति राशि पुराने स्तर पर ही बनी हुई है, जिससे निजी स्कूलों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।

          कई बार उठाई मांग, नहीं मिला समाधान

          स्कूल संचालकों का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर कई बार शासन का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक फैसला नहीं हुआ। इसी वजह से आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया गया है। एसोसिएशन ने संकेत दिए हैं कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। फिलहाल स्कूल बंद रखकर सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाई गई है।

          मुख्यमंत्री सख्त, मान्यता रद्द करने के निर्देश

          निजी स्कूलों के असहयोग आंदोलन पर सरकार की नजर बनी हुई है। आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित होने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संबंधित स्कूलों की मान्यता निरस्त करने के निर्देश दिए हैं। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पात्र छात्रों का प्रवेश सुनिश्चित कराने के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं एसोसिएशन का कहना है कि आरटीई के तहत प्रति छात्र होने वाले वास्तविक खर्च से भी कम राशि की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार के निर्णय नहीं लेने से स्कूल संचालन में परेशानी हो रही है।

          निजी स्कूल संचालकों का विरोध प्रदर्शन तेज, 18 अप्रैल को स्कूल बंद रखने का ऐलान

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