कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि में करोड़ों की गड़बड़ी का मामला सामने आया है। गरीब परिवारों के लिए जारी की गई सरकारी रकम में से 79 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने के आरोप में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) और एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने एक कियोस्क संचालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी रूमगरा क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी ने ग्रामीण क्षेत्रों के कम जागरूक हितग्राहियों को निशाना बनाया। प्रधानमंत्री आवास योजना (पूर्व इंदिरा आवास योजना) के तहत लाभार्थियों के खातों में आने वाली राशि को चालाकी से अपने खातों में ट्रांसफर कर लिया। इस तरह उसने कुल 79 लाख रुपए का गबन किया। आरोपी बैंक ऑफ इंडिया की कोरबा शाखा में कियोस्क संचालक के रूप में काम करता था। उसने निष्क्रिय खातों को फिर से सक्रिय कराया और बैंक कर्मचारियों की स्टाफ आईडी का दुरुपयोग किया। इसके बाद असली खाताधारकों के आधार नंबर हटाकर अपने तथा परिजनों के आधार नंबर जोड़ दिए। फिर बायोमेट्रिक सिस्टम के जरिए रकम निकाल ली गई।
तकनीकी खामियों का उठाया लाभ
जांच में सामने आया कि उस समय बैंकिंग सॉफ्टवेयर में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर थी। आधार सत्यापन और ऑटो लॉगआउट जैसी व्यवस्थाओं की कमी का फायदा उठाकर आरोपी लंबे समय तक फर्जीवाड़ा करता रहा। ईओडब्ल्यू जांच में पता चला है कि आधार सीडिंग के लिए 10 अलग-अलग यूजर आईडी का उपयोग किया गया। कुल 620 एंट्री दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश बिना किसी भौतिक सत्यापन के की गई थीं।
कोर्ट ने रिमांड पर भेजा
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 21 अप्रैल तक ईओडब्ल्यू रिमांड पर भेज दिया गया है। उसके खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, अमानत में खयानत और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह घोटाला सरकारी योजनाओं की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है और ग्रामीण हितग्राहियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाता है।

