प्रश्न क्रमांक 9, 16 और 19 में दोहराया गया मेजर ध्यानचंद से जुड़ा सवाल; अभिभावकों ने जताई नाराजगी, विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। रायपुर जिले के स्कूलों में कक्षा छठवीं की तिमाही परीक्षा के पहले ही दिन हिंदी के प्रश्नपत्र में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। प्रश्नपत्र में एक ही सवाल को अलग-अलग प्रश्न क्रमांकों में तीन बार दोहराया गया। मामला सामने आने के बाद विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षाविदों के बीच नाराजगी देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार कक्षा छठवीं के हिंदी प्रश्नपत्र में मेजर ध्यानचंद की सफलता का क्या रहस्य था? सवाल प्रश्न क्रमांक 9, 16 और 19 में दोहराया गया है। एक ही प्रश्न को अलग-अलग खंडों में शामिल किए जाने से परीक्षा की प्रश्नपत्र तैयार करने और जांच की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रश्नपत्र के लघुउत्तरीय प्रश्न खंड में प्रश्न क्रमांक 9 में विद्यार्थियों से पूछा गया कि मेजर ध्यानचंद की सफलता का क्या रहस्य है? इसके बाद दीर्घ उत्तरीय प्रश्न खंड में प्रश्न क्रमांक 16 में भी लगभग यही सवाल दोबारा दे दिया गया। इससे विद्यार्थियों को एक ही विषय पर दोबारा उत्तर लिखना पड़ा। ध्यानचंद की सफलता के रहस्य से जुड़ा वही सवाल दोबारा शामिल कर दिया गया। इस तरह प्रश्नपत्र में एक ही सवाल तीन अलग-अलग स्थानों पर दिखाई दिया।
परीक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
परीक्षा के दौरान यह गड़बड़ी सामने आने के बाद प्रश्नपत्र तैयार करने और अंतिम रूप देने से पहले उसकी जांच प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों का कहना है कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण मामले में प्रश्नपत्र की ठीक से जांच होना जरूरी है। एक ही सवाल का तीन बार दोहराया जाना विद्यार्थियों के लिए भी असमंजस की स्थिति पैदा कर सकता है। अभिभावकों ने मामले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बच्चों की परीक्षा और उनके मूल्यांकन को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उनका कहना है कि प्रश्नपत्र तैयार करने के बाद उसे जांचने की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, ताकि इस तरह की गलतियां परीक्षा के दौरान सामने न आएं।
शिक्षाविदों ने भी मांगा स्पष्टीकरण
शिक्षाविदों और स्थानीय लोगों ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग से स्पष्टीकरण की मांग की है। उनका कहना है कि प्रश्नपत्र में इस तरह की त्रुटि से परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। विभाग को पूरे मामले की जांच कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि प्रश्नपत्र में एक ही सवाल तीन बार कैसे शामिल हुआ।

