घर में बेकार पड़ा खिलौना किसी बच्चे के चेहरे पर ला सकता है मुस्कान : कलेक्टर दुदावत

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      • सेवा संकल्प अभियान में ‘खिलौना दान रथ’ को मिल रहा उत्साहजनक प्रतिसाद, जरूरतमंद बच्चों और आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचेंगे खिलौने

      कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। घर में बच्चों के बड़े हो जाने के बाद अलमारी या स्टोर रूम में रखे खिलौने अब किसी दूसरे बच्चे के बचपन की खुशी बनेंगे। जिला प्रशासन की ‘सेवा मेरा योगदान’ पहल के तहत शुरू किए गए खिलौना दान अभियान को जिलेवासियों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। नगर निगम क्षेत्र के अलग-अलग वार्डों में पहुंच रहे ‘खिलौना दान रथ’ में परिवार स्वेच्छा से अपने घरों में रखे साफ-सुथरे और उपयोग योग्य खिलौने दान कर रहे हैं।

          सेवा मेरा योगदान

          कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिलेवासियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि जब आपका बच्चा बड़ा हो जाए तो उसके खिलौने भी बेकार न होने दें, बल्कि उन्हें किसी दूसरे बच्चे के बचपन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि घर में रखा एक खिलौना किसी जरूरतमंद बच्चे के चेहरे पर मुस्कान ला सकता है। खिलौना दान रथ के माध्यम से अब तक बड़ी संख्या में खिलौने एकत्र किए जा चुके हैं। इनमें छोटे बच्चों के खेलने के लिए विभिन्न प्रकार के सुरक्षित और उपयोग योग्य खिलौने शामिल हैं। इन खिलौनों को जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाने के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में भी उपलब्ध कराया जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्रों में इन खिलौनों के माध्यम से बच्चों को खेलने, सीखने और अपनी रचनात्मक क्षमता विकसित करने का अवसर मिलेगा।

          एक घर का खिलौना, दूसरे बच्चे की खुशी

          प्रशासन की यह पहल केवल खिलौने एकत्र करने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों में साझा करने, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना विकसित करने का प्रयास भी है। कई घरों में बच्चे बड़े होने के बाद पुराने खिलौने इस्तेमाल नहीं करते और वे लंबे समय तक अलमारी या स्टोर में पड़े रहते हैं। ऐसे खिलौने जरूरतमंद बच्चों के लिए खुशी का साधन बन सकते हैं। खिलौना दान रथ के वार्डों में पहुंचने से लोगों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। रथ की जानकारी मिलते ही कई परिवार अपने घरों से खिलौने निकालकर दान कर रहे हैं।

          पुरानी किताब भी बन सकती है किसी बच्चे का नया सहारा

          सेवा संकल्प अभियान के तहत नागरिकों को उपयोगी पुस्तकों के दान के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। बच्चों के अगली कक्षा में पहुंचने के बाद पिछली कक्षा की किताबें अक्सर घर में पड़ी रह जाती हैं। यदि ये पुस्तकें उपयोग योग्य हैं तो उन्हें जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाया जा सकता है। जिला प्रशासन का कहना है कि एक बच्चे की पुरानी किताब दूसरे बच्चे की पढ़ाई का नया सहारा बन सकती है। इसी भावना के साथ नागरिकों से घर में रखी उपयोगी पुस्तकें और खिलौने दान करने की अपील की गई है।

          खिलौना दान रथ के लिए इस नंबर पर करें संपर्क

          कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिलेवासियों से अपील की है कि जिन खिलौनों और पुस्तकों का अब उनके परिवार में उपयोग नहीं हो रहा है, उन्हें जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाने में सहयोग करें। एक खिलौना किसी बच्चे के लिए खेल की खुशी और एक किताब उसकी पढ़ाई की नई शुरुआत बन सकती है। खिलौना दान करने अथवा खिलौना संग्रह रथ को अपने घर बुलाने के लिए मोबाइल नंबर 9340509567 पर संपर्क किया जा सकता है।

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