बोले पीएम मोदी—महामारी, जलवायु आपदाओं और आपूर्ति श्रृंखला में रुकावटों ने देशों की परस्पर निर्भरता दिखाई
नई दिल्ली (एजेंसी)। ब्रिक्स सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया में लगातार बढ़ रहे तनाव को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव का सीधा असर आम लोगों के जीवन पर पड़ रहा है। महामारी, जलवायु संबंधी आपदाओं और आपूर्ति श्रृंखला में आई रुकावटों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आज दुनिया के देश एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। किसी एक क्षेत्र में उत्पन्न संकट का प्रभाव दूसरे देशों तक भी पहुंच सकता है। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग रविवार को दिल्ली से चीन के लिए रवाना हो गए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में देशों के बीच सहयोग और सामूहिक प्रयास बेहद जरूरी हैं। बदलते अंतरराष्ट्रीय माहौल में शांति, स्थिरता और आपसी सहयोग को मजबूत करने की दिशा में सभी देशों को मिलकर काम करना चाहिए। सम्मेलन के दूसरे दिन भारत मंडपम में ब्रिक्स सदस्य देशों के नेताओं का सामूहिक फोटो सत्र हुआ। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दोनों ओर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन नजर आए। तीनों नेताओं की एक साथ तस्वीर ने सम्मेलन में खास ध्यान खींचा।
सात देशों के नेताओं से द्विपक्षीय बैठक
सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी आज सात देशों के नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। सम्मेलन के पहले दिन आयोजित रात्रिभोज में अधिकांश सदस्य देशों के नेता शामिल हुए। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद इसमें शामिल नहीं हुए।
ब्रिक्स ने नई दिल्ली घोषणा को दी मंजूरी
ब्रिक्स देशों ने शनिवार को सम्मेलन के दौरान नई दिल्ली घोषणा को मंजूरी दी। साझा बयान में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की गई। सदस्य देशों ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने और आतंकियों को मिलने वाली आर्थिक मदद तथा सुरक्षित ठिकानों पर रोक लगाने की प्रतिबद्धता जताई। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ब्रिक्स देशों की ओर से साझा बयान जारी किए जाने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के सामने उठाया आतंकवाद का मुद्दा

