कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने शासकीय आईटीआई रामपुर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक व्यवस्था और प्रशिक्षण सुविधाओं का जायजा लिया। कई कमियां मिलने पर अधिकारियों को तय समयसीमा में सुधार करने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण की शुरुआत लाइब्रेरी से हुई, जहां किताबों की अव्यवस्थित स्थिति और पुराने सामान का ढेर मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने लाइब्रेरी को व्यवस्थित करने और अनुपयोगी सामग्री को नियम अनुसार हटाने के निर्देश दिए। कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं की उपस्थिति रजिस्टर सहित प्रशासनिक अभिलेखों में भी अनियमितता मिली। प्राचार्य द्वारा सही जानकारी नहीं दिए जाने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई और रिकॉर्ड अपडेट रखने को कहा। इलेक्ट्रिशियन ट्रेड में 20 स्वीकृत सीटों के मुकाबले केवल 3 प्रशिक्षु मौजूद मिले। वहीं अल्टरनेटर, स्टार्टर समेत कई मशीनें दो वर्षों से खराब पड़ी थीं। कलेक्टर ने पांच दिन के भीतर सभी उपकरणों की मरम्मत कर कक्षाएं नियमित शुरू कराने के निर्देश दिए।

स्टेनो हिंदी और इंग्लिश ट्रेड में विद्यार्थियों ने कंप्यूटरों की कमी बताई, जिस पर पर्याप्त कंप्यूटर उपलब्ध कराने को कहा गया। मैकेनिकल ड्राफ्ट्समैन ट्रेड में छात्रों की मांग पर ऑटो सीएडी/सीएएम लैब जल्द स्थापित करने के निर्देश दिए गए। मोटर मैकेनिक लैब में कलेक्टर ने प्रशिक्षुओं से चर्चा कर उनके कौशल और रोजगार संभावनाओं की जानकारी ली। उन्होंने पासआउट छात्रों की ट्रैकिंग, उद्योगों से समन्वय कर रोजगार दिलाने और ड्राइविंग लाइसेंस के लिए विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए।
मशीनिंग लैब में लेथ मशीन, शेपर और प्लानर जैसी मशीनों की स्थिति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि सभी मशीनें पूरी तरह चालू रहनी चाहिए और खराबी आने पर एक सप्ताह के भीतर ठीक की जाए। कलेक्टर ने कहा कि युवाओं के कौशल विकास और रोजगार सृजन के लिए आईटीआई जैसे संस्थानों की गुणवत्ता सुधारना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।

