एक सप्ताह में दूसरी घटना से ग्रामीणों में बढ़ा भय, जंगलों में डेरा डाले हैं हाथियों के कई दल
कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। जिले के कटघोरा वनमंडल क्षेत्र में भैंस की तलाश में जंगल गए एक ग्रामीण की हाथी के हमले में दर्दनाक मौत हो गई। परिजनों को खोजबीन के दौरान जंगल के भीतर युवक का क्षत-विक्षत शव मिला। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। बीते एक सप्ताह के भीतर हाथी के हमले से यह दूसरी मौत होने के बाद ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार कटघोरा वनमंडल के जटगा वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम धवलपुर निवासी संतोष टेकाम (38 वर्ष) खेती-किसानी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। रविवार सुबह वह रोज की तरह मवेशियों को चरने के लिए जंगल में छोड़कर आया था। देर शाम सभी मवेशी घर लौट आए, लेकिन एक भैंस वापस नहीं पहुंची। इसके बाद संतोष भैंस की तलाश में जंगल की ओर निकल गया। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने ग्रामीणों के साथ उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। सोमवार सुबह दोबारा खोजबीन के दौरान जंगल के भीतर कक्ष क्रमांक पी-270 में संतोष का क्षत-विक्षत शव मिला। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। घटना की जानकारी मिलने पर वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, जहां हाथी के आने-जाने के निशान मिले। शव की स्थिति देखकर हाथी के हमले से मौत की पुष्टि हुई। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बीते सप्ताह भी हाथी के हमले में एक वृद्ध महिला की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल है। खेती-किसानी के मौसम में हाथियों की बढ़ती गतिविधियों से लोगों को जान-माल की चिंता सता रही है।
परिजनों को दी गई सहातया राशि
वनमंडलाधिकारी कुमार निशांत के निर्देश पर विभागीय अधिकारियों ने कार्रवाई पूरी करते हुए मृतक के परिजनों को 25 हजार रुपये की तत्काल सहायता राशि प्रदान की है। शासन के नियमानुसार शेष सहायता राशि देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
क्षेत्र में 15 हाथियों का दल सक्रिय
वन विभाग के अनुसार जटगा वन परिक्षेत्र में इस समय 15 हाथियों का झुंड डेरा डाले हुए है। इनमें 5 हाथी मेढाउर पहाड़ और 10 हाथी नवापारा क्षेत्र में विचरण कर रहे हैं। इसके अलावा परला में 16, पचरा में 6 तथा कोदवारी जंगल में 10 हाथियों की मौजूदगी बताई जा रही है। वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और प्रभावित गांवों में मुनादी कर लोगों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है।

