नई दिल्ली:(एजेंसी) लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन’ (131वां संविधान संशोधन विधेयक) पर चर्चा के दौरान उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए ‘जादूगर’ (Magician) शब्द का इस्तेमाल किया। इस बयान पर सत्ता पक्ष ने कड़ा एतराज जताया और सदन में जबरदस्त नारेबाजी शुरू हो गई। अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा, “सर सच्चाई यह है कि जादूगर पकड़ा गया है। बालाकोट का जादूगर, नोटबंदी का जादूगर, (ऑपरेशन) सिंदूर का जादूगर अचानक से पकड़ा गया है। क्योंकि…राहुल गांधी अपनी बात पूरी कर पाते, उससे पहले ही सत्ता पक्ष के सांसदों ने खड़े होकर विरोध शुरू कर दिया। सदन की कार्यवाही में व्यवधान पड़ने लगा और शोर-शराबा बढ़ गया।

किरेन रिजिजू का पलटवार: “क्या साबित करना चाहते हैं राहुल?
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष को अपनी गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि राहुल गांधी मैच्योर हो गए हैं, लेकिन अफ़सोस कि वह किस भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं? 140 करोड़ लोगों द्वारा चुने गए प्रधानमंत्री के लिए अनाप-शनाप बोलकर वह क्या साबित करना चाहते हैं?”
राजनाथ सिंह ने की निंदा, माफी की मांग की
हंगामे के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कमान संभाली और राहुल गांधी के शब्दों को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया। उन्होंने सदन में कहा प्रधानमंत्री के लिए ऐसे शब्दों का प्रयोग करना बेहद निंदनीय है। यह सिर्फ व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि उस जनता का अपमान है जिसने उन्हें चुनकर प्रधानमंत्री बनाया है। मैं मांग करता हूं कि इन शब्दों को सदन की कार्यवाही (Record) से बाहर निकाला जाए और राहुल गांधी देश से माफी मांगें।
हंगामे की भेंट चढ़ी चर्चा
राहुल गांधी के ‘मैजिशियन’ वाले तंज के बाद सदन की कार्यवाही काफी देर तक बाधित रही। सत्ता पक्ष जहां माफी की मांग पर अड़ा रहा, वहीं विपक्ष ने राहुल गांधी के बोलने के अधिकार का बचाव किया। इस तीखी नोकझोंक ने विधेयक पर हो रही चर्चा के माहौल को पूरी तरह राजनीतिक अखाड़े में तब्दील कर दिया।
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