कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज का औचक निरीक्षण कर शैक्षणिक, प्रशासनिक और लैब सुविधाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को तय समयसीमा में सुधार करने के सख्त निर्देश दिए।

निरीक्षण की शुरुआत प्रशासनिक शाखा से हुई, जहां कर्मचारियों और विद्यार्थियों की उपस्थिति रजिस्टर समेत जरूरी अभिलेख व्यवस्थित नहीं मिले। इस पर कलेक्टर ने रिकॉर्ड दुरुस्त रखने और वर्षों से पड़ी अनुपयोगी सामग्री को स्क्रैप में निस्तारित करने के निर्देश दिए। इलेक्ट्रिकल लैब में छात्रों को नियमित प्रैक्टिकल नहीं कराए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने सभी प्रैक्टिकल कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार तुरंत शुरू करने को कहा। प्रोसेस इंस्ट्रुमेंटेशन लैब में वर्ष 2024 में खरीदे गए 19 कंप्यूटरों में से 14 अब तक उपयोग में नहीं लाए गए थे। इस पर कलेक्टर ने सभी कंप्यूटर तीन दिनों के भीतर इंस्टॉल कर चालू करने के निर्देश दिए। बेसिक कंप्यूटर लैब में भी 10 पैक्ड कंप्यूटर मिले, जिन्हें छात्रों के उपयोग में लाने को कहा गया।

कार्यालयीन शाखा में कर्मचारियों के कक्षों पर नेम प्लेट और कार्य विभाजन सूची नहीं मिलने पर कलेक्टर ने आपत्ति जताई। उन्होंने तीन दिनों के भीतर सभी कर्मचारियों की नेम प्लेट और कार्य सूची प्रदर्शित करने का आदेश दिया। कॉलेज परिसर में सफाई व्यवस्था खराब मिलने पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। वहीं पीडब्ल्यूडी द्वारा चल रहे मरम्मत कार्य धीमी गति से होने पर संबंधित ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा गया।
छात्रों से की बातचीत
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्रों से बातचीत की और कहा कि कॉलेज में उद्योग आधारित प्रशिक्षण, एआई लर्निंग, कंप्यूटर कोडिंग और आधुनिक डिजिटल स्किल्स की पढ़ाई शुरू की जाए, ताकि छात्रों को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि पॉलिटेक्निक कॉलेज जैसे तकनीकी संस्थान कौशल विकास के केंद्र होते हैं। यहां की लैब, मशीनरी, कक्षाएं और प्रशासनिक व्यवस्था उच्च स्तर की होनी चाहिए। उन्होंने कॉलेज को उद्योग-तैयार तकनीकी शिक्षा का मॉडल संस्थान बनाने पर जोर दिया।
कलेक्टर दुदावत ने किया शासकीय आईटीआई का निरीक्षण, अव्यवस्था पर जताई नाराजगी

