भारतमाला घोटाले की जांच तेज, रिटायर्ड आईएएस जेके ध्रुव के ठिकानों पर ईडी की दबिश

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      भिलाई (AkhandBharatHNKP.Com)। भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित भूमि मुआवजा घोटाले की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार सुबह रिटायर्ड आईएएस अधिकारी जेके ध्रुव के भिलाई स्थित निवास समेत तीन ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की। सुबह करीब छह बजे अधिकारियों की टीम सुरक्षा बलों के साथ पहुंची और दस्तावेजों तथा डिजिटल रिकॉर्ड की जांच शुरू की, जो देर तक जारी रही।

          भारतमाला परियोजना

          जानकारी के अनुसार, ईडी के अधिकारी कई वाहनों के काफिले के साथ ध्रुव के निवास पहुंचे। कार्रवाई के दौरान घर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। हालांकि एजेंसी की ओर से छापे के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जेके ध्रुव पहले से ही चर्चित सीजी-पीएससी भर्ती घोटाले के मामले में आरोपी हैं और वर्तमान में जेल में बंद हैं। ऐसे में भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित घोटाले में उनके संभावित संबंधों को लेकर जांच एजेंसियां पड़ताल कर रही हैं। गौरतलब है कि रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान करोड़ों रुपये के मुआवजा घोटाले का मामला सामने आया था। जांच में आरोप है कि राजस्व अधिकारियों और भू-माफिया के गठजोड़ ने जमीनों को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित कर रिकॉर्ड में नए नाम दर्ज किए और मुआवजा राशि को कई गुना बढ़ाकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया। जांच एजेंसियों के अनुसार, जिस जमीन का वास्तविक मुआवजा लगभग 29.50 करोड़ रुपये बनता था, उसे दस्तावेजी हेरफेर के जरिए 70 करोड़ रुपये से अधिक दर्शाया गया। मामले में कुल 43 करोड़ रुपये से अधिक की अनियमितता की शिकायत दर्ज की गई है।

          अधिकारियों पर पहले भी हो चुकी कार्रवाई

          मामले की जांच के बाद कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। कोरबा के तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे और जगदलपुर नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त निर्भय साहू को निलंबित किया गया था। जांच रिपोर्ट में कई अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी।

          डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी

          सूत्रों के मुताबिक, ईडी की टीम दस्तावेजों के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। कार्रवाई के दौरान जब्त सामग्री और संभावित वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। एजेंसी की जांच पूरी होने के बाद ही कार्रवाई के दायरे और अन्य संभावित आरोपियों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

          क्या है भारतमाला परियोजना?

          भारतमाला परियोजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सड़क एवं आर्थिक कॉरिडोर योजना है, जिसके तहत देशभर में हजारों किलोमीटर सड़क नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर इसी परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण में अनियमितताओं के आरोपों की जांच चल रही है।

          भारतमाला मुआवजा घोटाले में ईडी की कार्रवाई, पूर्व मंत्री के रिश्तेदार समेत दो कारोबारियों के ठिकानों पर छापा

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