धर्म आस्था

“शक्ति के स्वरूप विभिन्न हो सकते हैं पर ! परा – प्रकृति शक्ति तो एक ही है!”

🙏🌺शक्ति के स्वरूप विभिन्न हो सकते हैं,कहीं वह माँ दुर्गा के रूप में दिखती है, कहीं करुणा बनकर बहती है, कहीं त्याग, तपस्या और सेवा के...

जहाँ निर्मल भाव होता है, वहीं गुरु कृपा और ईश्वर का वास होता है

मनुष्य के जीवन में  भावनाएं ही सबसे बड़ी शक्ति हैं बंधू। जैसा भाव हमारे भीतर होता है, वैसा ही हमारा विचार, कर्म और जीवन बनता...

सद्‌गुरू की शरण में चले जाओ और जैसा वे बताएं, वैसे ही उनकी आज्ञा का पालन करो….

सद्‌गुरू बिना जग सूना –            अगर आपको आपके प्रबल पुण्योदय से कोई सद्‌गुरू मिलते हैं और वो कहते हैं कि...

जय माँ गुरु : तो उसका पूर्ण क्षय होता है

जय माँ गुरुजो व्यक्ति आश्रम के लिये शारीरिक, आर्थिक, मानसिक रुप से योगदान करता है उसे भूल जाना चाहिए, यदि उसे बार-बार दोहराता है...

जय माँ गुरु: देखा-देखी करे योग, छीजे काया बाढ़े रोग

 ** जय माँ गुरु  **देखो एक काम मत करना। किसी की देखा-देखी कुछ नहीं करना। देखा-देखी करे योग, छीजे काया बाढ़े रोग। अपने मन...

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