नाम, जन्मतिथि और आधार रिकॉर्ड में गड़बड़ियां बनीं बाधा, दस्तावेज सुधारने के बाद ही मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ
रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के ई-केवाईसी सत्यापन के दौरान बड़ी संख्या में रिकॉर्ड संबंधी त्रुटियां सामने आई हैं। प्रदेश के 16.11 लाख से अधिक पंजीकृत श्रमिकों के दस्तावेजों में नाम, जन्मतिथि, पता और आधार नंबर में विसंगतियां मिलने से उनका ई-केवाईसी पूरा नहीं हो पा रहा है। श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी पूर्ण होने तक संबंधित श्रमिकों को विभाग की किसी भी कल्याणकारी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
सरकार ने योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, फर्जी पंजीयन पर रोक लगाने और वास्तविक पात्र श्रमिकों तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से ई-केवाईसी को अनिवार्य किया है। प्रदेश में भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार तथा असंगठित क्षेत्र के कुल 56.39 लाख श्रमिक पंजीकृत हैं। इनमें से 40.28 लाख श्रमिकों का राशन कार्ड रिकॉर्ड के आधार पर ऑनलाइन सत्यापन और ई-केवाईसी सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। वहीं रायपुर के 1.35 लाख श्रमिकों सहित 16.11 लाख श्रमिकों का डेटा आधार रिकॉर्ड से मेल नहीं खाने के कारण प्रक्रिया लंबित है। श्रम विभाग ने प्रभावित श्रमिकों से अपील की है कि वे अपने दस्तावेजों में आवश्यक सुधार कराकर जल्द से जल्द ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करें, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से मिल सके।
इन कारणों से अटक रहा ई-केवाईसी
- नाम में अंतर: विभिन्न दस्तावेजों में नाम या सरनेम की स्पेलिंग अलग-अलग दर्ज है।
- जन्मतिथि में गड़बड़ी: आधार कार्ड और श्रमिक कार्ड में दर्ज जन्मतिथि एक-दूसरे से मेल नहीं खा रही।
- आधार नंबर में त्रुटि: कई पुराने श्रमिक कार्डों में आधार नंबर गलत दर्ज पाया गया है।

